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What is Ration Card – राशन कार्ड क्या है और उससे सम्बंधित जानकारियां

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द्वितीय विश्व युद्ध के समय से ही भारत में खाद पदार्थो तथा अन्य जन जीवन की वस्तुए की कमी सभी जगह महसूस की जाने लगी और उनकी मूल्य वृदि भी सामान्य नागरिको के लिए बहुत बड़ी समस्या बन गई । जिसके वजह से सरकार को आवश्यक वस्तुओ की उपलब्धता और मूल्य नियंत्रण की जरुरत महसूस होने लगी । इसी कारन वस भारत सरकार ने बहुत सारे नियम और विभाग बनाये उनमे से एक ‘खाद्य तथा नागरिक आपूर्ति विभाग’ भी है जिनकी सहयता से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति, संचरण एवं वितरण किया जा सके । विभाग की स्थापना की तिथि से ही आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और उसके मूल्यों को नियन्त्रित करना विभाग का मुख्य लक्ष्य रहा है। भारत सरकार तथा राज्य  सरकार द्वारा समय-समय पर आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, मूल्य नियंत्रण और उसकी सार्वजनिक वितरण प्रणाली की सीमायें निर्धारित की जाती है । इस लेख में हम Ration Card के बारे में जानेंगे। 

राशन कार्ड भारत सरकार द्वारा निर्मित वह सरकारी दस्तावेज़ है जो की हमें सरकार के साथ जोड़ने का काम करती है । आप इसे अपने पहचान-पत्र के रूप में भी उपयोग कर सकते है । परन्तु इसका मुख्य उदेस्य उन ग़रीबों को जो की खुद के लिए जीविका चलने वाली वस्तुएँ जैसे की चावल, गेहू, तेल इत्यादि नहीं ख़रीद सकते उन्हें सब्सिडी में जीविका मुहैया करवाना है । कहने का मतलब यह है की जो व्यक्ति खुद के लिए और अपने परिवार के लिए खाद्य सामग्री खरीदने के समर्थ नहीं है उसे सरकार के द्वारा बाजार के भाव से काम दाम में सामान दिया जाता है जिससे की वह अपनी जीविका चला सके ।

राशन कार्ड राज्य सरकार द्वारा नियन्यत्रित Department of Food and Supplier के अंतर्गत PUBLIC Distribution System के द्वारा दिया जाता है ।

राज्य का खाद्य तथा रसद विभाग मुख्य रूप से भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अधीन राज्य में  खाद्यान्न, गेहूँ, चावल, मिट्टी का तेल, कोयला तथा अन्य पेट्रोलियम उत्पाद आदि की आपूर्ति एवं वितरण का कार्य करता है।

Types of Ration Card – भारत सरकार द्वारा ३ प्रकार के राशन कार्ड बनाये गए है ।

  1. APL (Above Poverty Line)
  2. BPL (Below Poverty Line)
  3. AAY (Antyodaya Anna Yojana)

राज्य की सार्वजनिक वितरण विभाग यह निर्धारित करती है की किस व्यक्ति को गरीबी रेखा के नीचे रखना है और किसे गरीबी रेखा के ऊपर या फिर ग़रीबों में सबसे गरीब तय करना है । इसके लिए भारत सरकार द्वारा कुछ दिशा-निर्देश दिए हुए है राज्य सरकार को जिसके अनुसार वह काम करती है । मूल रूप से व्यक्ति के आय के अनुसार यह निर्धारित किया जाता है की वह किस वर्ग में आता है । और इसे Planning Commision of India नियंत्रित करती है और समय समय पर इसे बदलती भी रहती है ।

भारत सरकार द्वारा ४ लाख से भी ज्यादा फेयर प्राइस स्टोर और पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम स्टोर संस्थापित किये गए है । जिनकी सहयता से खाद्य एवं अन्य आवस्यक पदार्थो को उचित मूल्य में गरीबो को मुहैया कराया जा सके ।

Benefits of having ration card – राशन कार्ड के फायदे


भारत सरकार के द्वारा  नियंत्रित फ़ूड सेकुरित्य एक्ट के अंतर्गत कुछ योजना बनाई गई है। 

  1. ७५% ग्रामीण आबादी और ५०% सहरी आबादी को Targeted Public Distribution System ( TPDS) के अंदर कवर करना है ।
  2. TDPS के अंतर्गत सार्वजनिक रूप से ५ किलो प्रति व्यक्ति प्रति माह पात्रता दी जाएगी ।
  3. AAY (Antyodaya Anna Yojana) योजना के अनतर्गत प्रति फॅमिली जो इस वर्ग में आते है उन्हें ३५ किलो अनाज हर माह दिया जायेगा ।
  4. अनाज को सब्सिडी करके दिया जायेगा जैसे चावल ३ रूपए पर किलो गेंहू २ रूपए पर किलो और मोटे अनाज १ रूपये पर किलो ।
  5. महिलाओ के सशक्तिकरण के लिए १८ वर्ष या उनसे अधिक उम्र की घर की सबसे बड़ी  महिलाओ को घरों का प्रधान बनाया जायेगा जब वो राशन कार्ड बनवाने जायेंगे।
  • चीनी भी सब्सिडी प्राइस १३ रूपए ५० पैसे पर किलो के दर में दी जाती है ।
  • आप राशन कार्ड को अपने पहचान पत्र के रूप में भी युस कर सकते है । जिसकी सहयता से आप अपना पैन कार्ड या आधार कार्ड बनवा सकते है ।

 

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